ये ना सोचों दर्द हमारा कही सुना ना जायेगा, अब न्याय खुद ही चलकर आपके द्वार तक आयेगा….. संस्थापक

Short Introduction

Welcome To Indian HR Council

भारतीय मानवाधिकार परिषद एक पंजीकृत संस्था है जिसे भारत में मौलिक/मानव अधिकारों तथा सरकारी सेवा प्रदायगी से संबंधित हो रहे विभिन्न प्रकार के समस्याओं/शिकायतों के निवारण तथा देश के नागरिकों को जरुरत के समय में हर संभव सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है तथा यह भारत में बदलाव लाने के लिए हमारी एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहल है। हमारी संस्था भारत सरकार, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक प्रभावकारी एवं सामयिक तंत्र बनाने की कोशिश कर रही है जिसके माध्यम से भारतीय नागरिकों को उनका संवैधानिक/मौलिक/मानव अधिकार बिना किसी परेशानी के उपलब्ध कराया जा सके। हमारी संस्था का मुख्य लक्ष्य संवैधानिक/मौलिक/मानव अधिकारों से संबंधित विभिन्न प्रकार के समस्याओं/शिकायतों के निवारण के लिए एक सार्थक मंच प्रदान करना है। हमारी संस्था भारतीय मानवाधिकार परिषद का गठन 06 नवम्बर, 2011 को इस उदेश्य से किया गया था/है कि हम सभी देशवासी एक साथ मिलकर अपने देश एवं अपने देश के आम नागरिकों की सेवा/मदद निःस्वार्थ भाव से एकजुट होकर कर सके।

Indian Human Rights Council (Registered Name: Bharatiya Prashasnik Sudhar Evam Jan Shikayat Parishad) is registered under the ITA, 1882 and its registration number is 2020/JSR/4050/BK4/342. It is also registered by NITI AAYOG (Government of India) & its registration number is JH/2021/0281430.

+
Happy Families
+
Offices In India
+
Team Members
+
Years Of Experience
Vision And Mission

हमारी संस्था के कुछ प्रमुख उद्देश्य

हमारी संस्था देशहित/लोकहित एवं संवैधानिक/मानव अधिकार से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं/शिकायतों के निवारण तथा नागरिकों को जरुरत के समय में हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए भारत सरकार, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक प्रभावकारी एवं सामयिक तंत्र बनाने की कोशिश कर रही है ताकि देश के नागरिकों को उनका संवैधानिक अधिकार बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराया जा सके।

Duty And Responsibility

हमारी संस्था के सदस्यों का दायित्व

हमारी संस्था का मूल उद्देश्य मानवाधिकार से संबंधित नागरिकों को हो रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं/शिकायतों पर भारत सरकार, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के सहयोग से जांच/कार्यवाई कराकर उनको समुचित न्याय दिलाना है तथा यह तभी संभव हो सकता है जब संस्था में पूर्व से पदस्थापित सभी पदाधिकारी/सदस्य अपने कर्तव्यों का निर्वाह निष्ठा एवं ईमानदारी करने का शपथ लेकर उसके लिए यथासंभव प्रयत्न करेंगे।